कैफे कॉफी डे के मालिक वीजी सिद्धार्थ ने चिट्ठी में लिखा, ‘नहीं झेल सकता इतना दबाव’

नई दिल्लीः कैफे कॉफी डे के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री एस. एम कृष्णा के दामाद वी. जी. सिद्धार्थ सोमवार रात से लापता हैं। भारतीय तटरक्षक बल ने मंगलवार को कहा कि सीसीडी के लापता संस्थापक वी.जी सिद्धार्थ की तलाश के लिए मंगलूरू के पुराने बंदरगाह के पास एक जहाज तैनात किया गया है। तटरक्षक बल ने कहा कि उसने गोताखारों की तीन टीमों को भी तलाश अभियान में लगाया है।
भाजपा सांसद शोभा करंदलाजे ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने शाह को एक पत्र भी सौंपा, जिसमें कैफे कॉफी डे के लापता मालिक वीजी सिद्धार्थ का पता लगाने के लिए केंद्र सरकार की मदद मांगी है। शाह के अलावा उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी मदद के लिए पत्र लिखा है।

सिद्धार्थ के लापता होने के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है। सिद्धार्थ ने कैफे कॉफी डे के कर्मचारियों और निदेशक मंडल को पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने कहा था कि हर वित्तीय लेनदेन मेरी जिम्मेदारी है, कानून को मुझे और केवल मुझे जवाबदेह रखना चाहिए।

दक्षिण कन्नड़ जिले के उपायुक्त सेंथिल शशिकांत सेंथिल ने बताया, ‘उन्होंने (सिद्धार्थ) ड्राइवर से उनके आने तक रुकने को कहा। जब वह दो घंटे तक वापस नहीं आए तो ड्राइवर ने पुलिस से संपर्क कर उनके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई।’ उन्होंने बताया कि 200 से अधिक पुलिसकर्मी और गोताखोर 25 नौकाओं के जरिए उनकी तलाश कर रहे हैं। उपायुक्त ने बताया कि खोजी कुत्तों की भी मदद ली जा रही है।

मंगलूरू के पुलिस आयुक्त संदीप पाटिल ने बताया कि‘ तलाश में स्थानीय मछुआरों की मदद ली जा रही है। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्होंने किस-किससे फोन पर बात की थी।

कांग्रेस विधायक यू.टी. खादर मौके पर पहुंचे और उन्होंने समाचार चैनलों से कहा कि पुलिस सभी पक्षों पर गौर कर रही है। तलाश जारी है। मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा बंगलुरु में एस.एम कृष्णा से मिलने उनके घर पहुंचे और उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी. के. शिवकुमार भी कृष्णा के घर पहुंचे।
सिद्धार्थ का 27 जुलाई को कंपनी के नाम लिखा पत्र सामने आया

सिद्धार्थ ने लिखा है कि जिन लोगों ने मुझ पर विश्वास किया उन्हें निराश करने के लिए मैं माफी चाहता हूं। मैं लंबे समय से लड़ रहा ता लेकिन आज मैं हार मानता हूं क्योंकि मैं एक प्राइवेट इक्विटी लेंडर पार्टनर का दबाव नहीं झेल पा रहा हूं, जो मुझे शेयर वापस खरीदने के लिए फोर्स कर रहा है। इसका आधा ट्रांजैक्शन मैं 6 महीने पहले एक दोस्त से बड़ी रकम उधार लेने के बाद पूरा कर चुका हूं। उन्होंने कहा है कि दूसरे लेंडर भी दबाव बना रहे थे जिस कारण वह हालात के सामने झुक गए हैं।

सिद्धार्थ ने पत्र में कहा है कि मेरा इरादा किसी को गुमराह या धोखा देने का नहीं था। एक कारोबारी के तौर पर मैं विफल रहा। उम्मीद है कि एक दिन आप समझेंगे, मुझे माफ कर दीजिए। हमारी संपत्तियों और उनकी संभावित वैल्यू की लिस्ट संलग्न कर रहा हूं। हमारी संपत्तियां हमारी देनदारियों से ज्यादा हैं। इनसे सभी का बकाया चुका सकते हैं।

सिद्धार्थ ने अपने खत में आयकर विभाग के एक पूर्व डीजी पर प्रताड़ना का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा है कि एक पूर्व डीजी ने उनके शेयर्स को दो बार अटैच किया जिससे माइंडट्री के साथ उनकी डील ब्लॉक हो गई और फिर कैफे कॉफी डे के शेयर्स की जगह ले ली, जबकि संशोधित रिटर्न्स उनकी ओर से फाइल किए जा चुके थे। सिद्धार्थ ने इसे अनुचित बताया है और लिखा है कि इसके कारण पैसे की कमी हो गई थी।

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