यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में फॉर्म भरकर पेपर नहीं देने वालों को सबक सिखाने की तैयारी

नई दिल्लीः यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में आने वाले वर्षों में कई बड़े बदलाव हो सकते हैं। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ऐसे उम्मीदवारों पर कार्रवाई करने की सोच रहा है जो फॉर्म भरकर परीक्षा देने नहीं आते। यूपीएससी ने कर्मिक एवं प्रशिक्षण को भेजे प्रस्ताव में कहा है कि जो विद्यार्थी सिविल सर्विस प्रारंभिक परीक्षा के लिए फॉर्म भरकर परीक्षा में शामिल नहीं होते हैं, उनके प्रयास में कटौती कर दी जाए। यूपीएससी के मुताबिक आधे फॉर्म भरने वाले परीक्षा में शामिल नहीं होते। इससे पहले भी यूपीएससी ने सरकार को प्रस्ताव भेजा था कि अगर किसी छात्र ने यूपीएससी का फार्म भर दिया तो उसे एक प्रयास माना जाए। यूपीएससी में सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम छह प्रयास निर्धारित है।

यूपीएससी का मानना है कि फार्म भरकर परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों को अगर दंडित कर दिया जाए तो छात्र अनावश्यक परीक्षा नहीं देंगे। इससे संसाधनों की बचत होगी।

इसके अलावा आयोग ने सिविल सर्विस की परीक्षा में एप्टीट्यूट टेस्ट (सी-सैट) को खत्म करने का प्रस्ताव दिया है। यूपीएससी ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि सी-सैट का पेपर समय की बर्बादी है। रीजनिंग और अंग्रेजी के प्रश्न होने के कारण लाखों विद्यार्थियों का कहना है कि यह पेपर सिर्फ कान्वेंट और इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को फायदा पहुंचाता है।

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