कठुआ सामूहिक दुष्कर्म व हत्याकांड में 3 दोषियों को उम्रकैद

नई दिल्लीः कठुआ सामूहिक दुष्कर्म व हत्याकांड में सात में से तीन को उम्रकैद की सजा और तीन को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई है। वहीं एक को बरी कर दिया गया है। मामले में आज सुनवाई करते हुए सात में से छह आरोपियों को दोषी करार दिया गया।

मंदिर के संरक्षक व ग्राम प्रधान सांझी राम, विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया और प्रवेश कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। एसपीओ सुरेन्द्र कुमार, सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता और हेड कांस्टेबल तिलक राज को पांच-पांच साल की सजा हुई। वहीं सांझी राम के बेटे विशाल को बरी कर दिया गया है।

हेड कांस्टेबल तिलक राज और उप निरीक्षक आनंद दत्ता ने कथित रूप से सांझी राम से 4 लाख रुपये लिए और सबूत नष्ट कर दिए थे। देश को हिलाकर रख देने वाले इस मामले में ट्रायल 3 जून को पूरा हो गया था। मामले की सुनवाई जिला और सत्र न्यायाधीश तेजविंदर सिंह ने की।

मामले में दाखिल की गई 15 पन्नों की चार्जशीट के अनुसार, कठुआ जिले के रसाना गांव में पिछले साल 10 जनवरी को आठ साल की एक बच्ची का अपहरण कर लिया गया था। उसके बाद गांव के एक मंदिर में कथित तौर पर उसके साथ चार दिन दुष्कर्म किया गया और फिर लाठी से पीट कर हत्या कर दी गई।

Leave a Reply