प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी 20 शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स की बैठक में उठाया आतंकवाद का मुद्दा, कहा आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा खतरा

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने जापान के ओसाका में हैं। ओसाका में जी 20 समिट के इतर ब्रिक्स देशों की बैठक हुई। इस दौरान ब्रिक्स देशों के सभी राष्ट्राध्यक्ष मौजूद रहें। इस दौरान पीएम मोदी ने आतंकवाद का मुद्दा उठाया। ब्रिक्स देशों की बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। आतंकवाद न केवल मासूमों की जान लेता है, बल्कि यह आर्थिक विकास और सांप्रदायिक सद्भाव को बुरी तरह से प्रभावित करता है। हमें आतंकवाद और नस्लवाद के समर्थन के सभी माध्यमों को रोकना होगा। बता दें कि यह जी 20 सम्मेलन से इतर अनौपचारिक बैठक थी।

बता दें कि इससे पहले जापान के ओसाका में जी-20 सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात हुई। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, इस बैठक में पीएम मोदी और ट्रंप में चार मुद्दों मसलन, ईरान, 5जी, द्विपक्षीय संबंध और रक्षा पर बातचीत हुई। इस मुलाकात के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को लोकसभा चुनाव में जीत के लिए बधाई भी दी। मोदी और ट्रंप के बीच यह बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि काफी समय से दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर विवाद जारी है।

प्रधानमंत्री जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिये ओसाका पहुंचे हैं। उन्होंने ब्राजील का राष्ट्रपति चुने जाने पर जेयर बोल्सोनारो को बधाई दी और ब्रिक्स परिवार में उनका स्वागत किया। ओसाका में जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) नेताओं की मुलाकात के दौरान उन्होंने दक्षिण अफ्रीका का राष्ट्रपति चुने जाने पर सिरिल रामफोसा को भी बधाई दी।

अपनी टिप्पणी में मोदी ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को मजबूत बनाने, संरक्षणवाद से लड़ने, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और साथ मिलकर आतंकवाद से लड़ने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा, ”आज, मैं तीन प्रमुख चुनौतियों पर अपना ध्यान केंद्रित करूंगा। पहली है, वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता और गिरावट। नियम आधारित बहुपक्षीय वैश्विक व्यापार प्रणाली पर एकपक्षवाद और प्रतिस्पर्धात्मकता का प्रभाव है।

पीएम मोदी ने कहा, ”संसाधनों की कमी, आधारभूत ढांचे में निवेश में लगभग 1.3 खरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की कमी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दूसरी है, विकास को सतत् और समावेशी बनाना। डिजिटलाइजेशन जैसी तेजी से बदलती तकनीकें और जलवायु परिवर्तन मौजूदा और आने वाली पीढ़ियों के लिये चुनौती पेश करती हैं। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक है जब यह असमानता घटाए और सशक्तिकरण में योगदान दे।

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