प्रधानमंत्री मोदी ने कहा – ‘ राष्ट्र प्रायोजित आतंकवाद दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा ‘

नई दिल्ली: दोबारा प्रधानमंत्री निर्वाचित होने के बाद नरेंद्र मोदी अपनी पहली विदेश यात्रा पर शनिवार को मालदीव पहुंचे। इस
दौरान मोदी ने राष्ट्र प्रायोजित आतंकवाद को दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। मोदी ने मालदीव की संसद ‘मजलिस’ को संबोधित करते हुए बिना नाम लिए पाकिस्तान पर भी निशाना साधा। मोदी ने सरकार प्रायोजित आतंकवाद से निपटने के लिए एकजुट होने की जरूरत है और इसे धन तथा प्रश्रय देने वालों को अलग-थलग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकियों के न तो अपने बैंक होते हैं और न ही हथियारों की फैक्ट्री, फिर भी उन्हें धन और हथियारों की कभी कमी नहीं होती।

संसद को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत और मालदीव के रिश्ते इतिहास से भी पुराने हैं। आज मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि मालदीव में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए हर भारतीय आपके साथ है।

भारत और मालदीव रक्षा सूचनाएं साझा करेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने शनिवार को कई मुद्दों पर बातचीत की। दोनों देशों ने रक्षा और समुद्र समेत महत्वपूर्ण क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए। मोदी ने कहा कि भारत हरसंभव तरीके से मालदीव की मदद करने को प्रतिबद्ध है। पहला समझौता ज्ञापन जल विज्ञान संबंधी मामलों के क्षेत्र में सहयोग के लिए किया गया।

सोलिह को टीम इंडिया के हस्ताक्षर वाला बल्ला दिया

मोदी ने कहा कि भारत लोगों के बीच संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए मालदीव के राष्ट्रपति सोलिह के देश में खेल को बढ़ावा करने के मिशन में मदद करेगा। मोदी ने क्रिकेट विश्व कप में खेल रहे भारतीय खिलाड़ियों के हस्ताक्षर वाला बल्ला सोलिह को भेंट किया। मोदी ने कहा कि क्रिकेट से जुड़ाव! मेरे मित्र राष्ट्रपति सोलिह क्रिकेट के प्रशंसक है, मैं उन्हें भारतीय टीम के हस्ताक्षर वाला बल्ला भेंट कर रहा हूं।

मालदीव का सर्वोच्च सम्मान

प्रधानमंत्री मोदी को मालदीव के सर्वोच्च सम्मान ‘रूल ऑफ निशान इज्जुद्दीन’ से शनिवार को सम्मानित किया गया। मोदी दो दिवसीय दौरे पर मालदीव की यात्रा पर हैं। यहां एक समारोह में मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने मोदी को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया।

इसलिए अहम है दौरा

मालदीव की यात्रा कई मामलों में काफी अहम है क्योंकि पिछले कुछ सालों में भारत और मालदीव के रिश्ते अच्छे नहीं रहे। खासकर तब जब पिछले साल पांच फरवरी को तत्कालीन राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने आपातकाल लागू किया था।

पिछले आठ वर्षों में पहला आधिकारिक दौरा

पिछले आठ वर्षों में द्विपक्षीय स्तर पर किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली मालदीव यात्रा है। प्रधानमंत्री पिछली बार यहां नवंबर 2018 में राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सालेह के शपथ ग्रहण समारोह में आए थे। लेकिन यह आधिकारिक यात्रा नहीं थी। इससे पहले 2011 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहर्न ंसह ने मालदीव का दौरा किया था।

रडार प्रणाली का उद्घाटन

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति सोलिह ने गर्मजोशी से चर्चा की। उन्होंने ट्विटर पर कहा कि परस्पर लाभकारी साझेदारी। दोनों नेताओं ने एक तटीय निगरानी रडार प्रणाली और मालदीव रक्षा बलों के लिए एक प्रशिक्षण केंद्र का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।

नौका सेवा पर सहमति

मालदीव के राष्ट्रपति के साथ बातचीत के बाद मोदी ने कहा कि भारत, मालदीव में जिन विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत मालदीव के दक्षिणी हिस्से में मस्जिद के निर्माण पर राजी हो गया है। दोनों देश कोच्चि व मालदीव के बीच नौका सेवा शुरू करने पर भी सहमत हो गए हैं।

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