लोकसभा चुनाव रिजल्ट : बठिंडा सीट से जीतीं हरसिमरत कौर बादल

नई दिल्लीः केंद्रीय मंत्री और शिरोमणि अकाली दल की उम्मीदवार हरसिमरत कौर बादल ने बठिंडा सीट पर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को हरा दिया है। बठिंडा से दो बार की सांसद कौर ने वडिंग को 21,772 मतों से पराजित किया। आम आदमी पार्टी की बलजिंदर कौर और पंजाब एकता पार्टी के सुखपाल सिंह खैहरा भी बठिंडा से चुनावी मैदान में थे। 2014 के लोकसभा चुनावों में हरसिमरत ने यहां से 19,395 मतों से जीत दर्ज की थी।

पांच बार मुख्यमंत्री रहे और अकाली के वरिष्ठ नेता प्रकाश सिंह बादल ने भी अपनी पुत्रवधु के लिए चुनाव प्रचार किया था। इस जीत के लिए हरसिमरत ने मतदाताओं का शुक्रिया अदा किया।

पंजाब की बठिंडा लोकसभा सीट पर पिछले 27 सालों से कांग्रेस को जीत नहीं मिली है। दिलचस्प बात की तीन बार विधानसभा चुनाव जीत कर सरकार बनाने के बावजूद बठिंडा कांग्रेस के हाथ नहीं आया। 1962 से लेकर 2014 तक यहां 10 बार शिरोमणि अकाली दल ने ही बाजी मारी है। केवल 1999 में सीपीआई के भान सिंह भौरा यह सीट जीत सके हैं।

बता दें कि पंजाब में धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी की घटना के बाद अपने घटते जनाधार में फिर से जान फूंकने की कोशिश कर रहे शिरोमणि अकाली दल को राज्य के 10 लोकसभा सीटों में से सिर्फ दो पर ही जीत नसीब हुई है। सीट बंटवारा के तहत शिरोमणि अकाली दल ने राज्य की 13 लोकसभा सीटों में से 10 पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जबकि तीन सीटें उसने सहयोगी भाजपा को दी थी।

पार्टी से जीत दर्ज करने वालों में सिर्फ शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल और उनकी पत्नी एवं केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ही रहे। सुखबीर सिंह बादल ने फिरोजपुर से जीत दर्ज की वहीं उनकी पत्नी एवं दो बार से बठिंडा से सांसद रहीं हरसिमरत अपनी सीट बरकरार रखने में कामयाब रहीं। ये दोनों सीटें शिअद का गढ़ मानी जाती हैं।

राज्य में दशकों से शिअद का प्रभाव रहा, हालांकि 2017 के विधानसभा चुनाव में 117 सीटों में से पार्टी सिर्फ 15 पर जीत दर्ज कर पाई। बठिंडा सीट भी शिअद के लिए काफी अहम रहा क्योंकि इस सीट से हरसिमरत कौर तीसरी बार फिर से सांसद बनने के लिए चुनाव लड़ रही थीं।

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