के. चंद्रशेखर राव दूसरी बार तेलंगाना के मुख्यमंत्री बने

नई दिल्लीः अलग तेलंगाना राज्य के दशकों पुराने एकमात्र स्वप्न को साकार करने के लिए बनी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की समय से पूर्व कराए गए विधानसभा चुनाव में मिले जबरदस्त पूर्ण बहुमत के बाद 64 वर्षीय चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने देश के सबसे नये राज्य का सबसे ऊंचे कद वाला नेता होने का अपना दावा बरकरार रखा है। गुरुवार, 13 दिसंबर 2018 को उन्होंने दूसरी बार और तेलंगाना के दूसरे मुख्यमंत्री के रूप में तेलुगु भाषा में शपथ ली।

कांग्रेस के साधारण कार्यकर्ता के रूप में लगभग गुमनामी में सियासी सफर की शुरूआत से तेलंगाना गौरव का चेहरा बनने तक के. चंद्रशेखर राव ने राजनीति की तेज लहरों पर बड़े सधे अंदाज में अपनी चुनावी नैया पार की है। उन्होंने कांग्रेस को झुकने पर मजबूर करके अलग तेलंगाना राज्य के गठन में सफलता भी हासिल की।

राज्य में KCR नाम से लोकप्रिय के. चंद्रशेखर राव ने युवा कांग्रेस के साधारण कार्यकर्ता के रूप में राजनीतिक करियर की शुरूआत करने के बाद 1983 में तेलुगू देशम पार्टी का दामन थामा। वह पहले ही चुनाव में सिद्दीपेट सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार से हार गये। केसीआर 1985 में इस सीट पर चुनाव जीत गये और उसके बाद से उनका सफर सफलता के पथ पर आगे बढ़ता रहा।

वह एनटी रामाराव सरकार में मंत्री भी रहे। वह आंध्र प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। अलग तेलंगाना राज्य का उनका सपना उन्होंने कभी नहीं छोड़ा। 2001 में उन्होंने तेदेपा छोड़ दी और टीआरएस का गठन किया। उन्होंने कांग्रेस के साथ हाथ मिलाया और 2004 के लोकसभा चुनाव उसके साथ गठबंधन में लड़े। कांग्रेस ने तेलंगाना को राज्य बनवाने का वादा किया था। बाद में कांग्रेस पर इस मुद्दे पर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने गठबंधन छोड़ दिया। राव ने 2009 के लोकसभा चुनाव तेदेपा के साथ मिलकर लड़े।

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