चुनाव 2019 : एग्जिट पोल के नतीजों से भाजपा उत्साहित, मनोज तिवारी बोले- ‘ विधानसभा में जीत तय ‘

नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव परिणाम भले ही 23 मई को आ रहा हो, लेकिन एग्जिट पोल के नतीजों ने सियासी जगत में हलचल मचा है। जहां भाजपा को दिल्ली विधानसभा का रास्ता साफ नजर आने लगा है, वहीं कांग्रेस नतीजों से उत्साहित है। धरातल में चल रही कांग्रेस इसे अपने लिए ऊर्जा मान रही है, जबकि भाजपा मानकर चल रही है कि उसका 22 वर्ष से चल रहा वनवास अब खत्म होने की और है। इसका मुख्य कारण अब त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना है।
दिल्ली में वर्ष 1992 के चुनावों में भाजपा ने अपने नेता मदनलाल खुराना के नेतृत्व में बड़ी जीत प्राप्त कर सत्ता हासिल की थी। इसके बाद जैन डायरी मामले में नाम आने पर खुराना को त्यागपत्र देना पड़ा और साहिब सिंह मुख्यमंत्री बने। चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने सुषमा स्वराज को मुख्यमंत्री बनाने का दांव खेला, परंतु वह जनता को रास नहीं आया और उसके बाद से भाजपा वनवास काट रही है। इसके बाद तीन बार के चुनावों में लगातार कांग्रेस सरकार बनी और शीला दीक्षित मुख्यमंत्री रहीं। वर्ष 2013 के चुनाव में भाजपा बहुमत के करीब पहुंचकर भी सत्ता से बाहर रही और कांग्रेस के समर्थन से आप ने सरकार बनाई। 2015 के चुनावों में आप ने रिकार्ड 67 सीट हासिल कर कांग्रेस व भाजपा को सत्ता से दूर कर दिया।

खोई हुई जमीन हासिल करती गई कांग्रेस
एग्जिट पोल में आप को एक भी सीट नहीं मिल रही है। भाजपा को सातों या फिर एक पर कांग्रेस को दर्शाया जा रहा है। भले ही कांग्रेस को एक सीट चली जाए, इससे भी भाजपा अपने लिए शुभ मान रही है। भाजपा का दावा है कि उसे सातों सीटों पर जीत हासिल होगी। कांग्रेस दिल्ली में जितना मजबूत होगी उसका फायदा भाजपा को होने वाला है। कांग्रेस के मजबूत होने से विधानसभा में भी त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बनते हैं और ऐसे में कांग्रेस-आप के बीच वोटों का जो बंटवारा होगा उसका सीधा लाभ भाजपा को मिलेगा। वैसे भी सात में से तीन पर कांग्रेस का सीधा मुकाबला भाजपा से है। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन कहीं न कहीं वापस पा रही है।

वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस भले ही एक सीट ले या फिर एक भी नहीं, लेकिन उसमें उत्साह है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित का मानना है कि नतीजे चौंकाने वाले होंगे। कांग्रेस के उत्साह का कारण है कि लोकसभा में जिस प्रकार उसने चुनाव लड़ा है, उसका फायदा विधानसभा में मिलेगा। कांग्रेस नेताओं के अनुसार कांग्रेस के 15 साल के कार्यकाल में जो विकास कार्य हुए हैं उसको याद कर लोगों ने उसे वोट दिए हैं।

Leave a Reply