आलोक वर्मा सीबीआई से बाहर

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त सलेक्शन कमेटी के सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा को हटाने के फैसले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का कहना है कि सरकार राफेल विमान सौदे की जांच से डरी हुई थी। इसलिए, सरकार ने आलोक वर्मा को बीस दिन भी सीबीआई प्रमुख के पद पर नहीं रहने दिया।

पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने देर रात पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए कहा कि आखिर सरकार को किस बात की घबराहट है। आखिर सरकार क्यों सरकार को आलोक वर्मा को हटाकर अपने पसंद के अधिकारी को सीबीआई की जिम्मेदारी देने की जल्दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जल्दबाजी कर सरकार कुछ चीजों पर परदा डालना चाहती है।

आनंद शर्मा ने केंद्रीय सर्तकता आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में सीवीसी की विश्वसनीयता कम हुई है। आलोक वर्मा पर सीवीसी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सीवीसी ने अपनी रिपोर्ट पर दस बिंदु बताए हैं। इनमें से छह पूरी तरह गलत पाए गए हैं। बाकी चार बिंदुओं पर भी कोई सीधा साक्ष्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि सलेक्शन कमेटी से न्याय की उम्मीद की जाती है, पर कमेटी न्याय करने में नाकाम रही है। आनंद शर्मा ने कहा कि कमेटी ने आलोक वर्मा पर लगे आरोपों के बारे में उनका पक्ष नहीं सुना। साथ उन्होंने कहा कि वर्मा के बारे में सीवीसी की रिपोर्ट में दम होता, तो अदालत उस पर कार्रवाई करती। इससे साफ है कि सरकार ने जल्दबाजी में फैसला किया है।

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