28 साल बाद भारत की जीडीपी से भी पिछड़ा चीन

नई दिल्लीः जीडीपी के मामले में भारत ने 28 साल बाद पड़ोसी देश चीन को बड़ी मात दे दी है। चीन की विकास दर दिसंबर में खत्म हुई तीसरी तिमाही में 6.6 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी है। वहीं वित्त वर्ष 2018-19 की दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी दर घटकर 7.1 फीसदी रह गई थी। यह पहली तिमाही में 8.2 फीसदी थी। इस हिसाब से इसमें 1.1 फीसदी की कमी देखने को मिली है।

व्यापार युद्ध बना बड़ा कारण
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के अमेरिका के साथ चीन के व्यापार मोर्चे पर जारी तनाव और निर्यात में गिरावट इसकी वजह मानी जा रही है। दिसंबर तिमाही में चीन की आर्थिक वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रही, जो कि इससे पहले की तिमाही में 6.5 प्रतिशत थी। आर्थिक वृद्धि के आंकड़े पूर्व में लगाये गये अनुमानों के अनुरूप ही हैं लेकिन यह चीन की आर्थिक वृद्धि दर के कमजोर पड़ने का संकेत देते हैं। चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) ने कहा कि चीन की आर्थिक वृद्धि दर 2018 में 6.6 प्रतिशत रही।

यह साल 2017 की आर्थिक वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत से भी कम है। चीन की यह 1990 के बाद सबसे कम आर्थिक वृद्धि दर है। 1990 में चीन की आर्थिक वृद्धि की दर 3.9 प्रतिशत थी। एनबीएस के आंकड़ों के मुताबिक, चीन की अर्थव्यवस्था के करीब 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने का लक्ष्य रखा गया था।

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