बीस साल बाद फुटबॉल की बादशाहत फिर से फ्रांस के नाम, क्रोएशिया को हराक्र बना वर्ल्ड चैंपियन

नई दिल्ली : फीफा विश्व कप के 21वें संस्करण के फाइनल में रविवार को फ्रांस ने लुज्निकी स्टेडियम में खेले गए बेहद रोमांचक और नाटकीय मैच में पहली बार विश्व कप खेल रही क्रोएशिया को 4-2 से शिकस्त दे दूसरी बार विश्व विजेता का तमगा हासिल किया। फ्रांस 20 साल बाद विश्व फुटबाल का सरताज बनने में सफल रहा है। इससे पहले उसने अपने घर में 1998 में दिदिएर डेसचेम्प्स की कप्तानी में पहली बार विश्व कप जीता था।वही डेसचेम्प्स एक कोच के तौर पर इस बार अपनी टीम को दूसरी बार खिताब दिलाने में सफल रहे हैं। वह ऐसे तीसरे शख्स हैं जो खिलाड़ी और कोच के तौर पर विश्व कप जीतने में सफल रहे हैं। उनसे पहले ब्राजील के मारियो जागालो और जर्मनी के फ्रांज बेककेनबायुएर ने कोच और खिलाड़ी से तौर पर विश्व कप जीते हैं।फाइनल मैच में जिस तरह की उम्मीद थी उसी स्तर की फुटबाल देखी गई। पहली बार फाइनल खेल रही क्रोएशिया किसी भी तरह के दवाब में नहीं थी। वो उसी तरह की फुटबाल खेल रही थी जिस तरह की पूरे विश्व कप में खेलती आ रही थी। उसने फ्रांस पर दवाब बनाए रखा और गेंद अपने पास ज्यादा रखी। हालांकि फ्रांस पहले हाफ की समाप्ति तक 2-1 से आगे थी। इसमें सही मायने में क्रोएशिया की गलती थी।

18वें मिनट में ऐसा पल आया जो अभी तक विश्व कप के फाइनल में कभी नहीं आया और जिसने क्रोएशियाई टीम तथा प्रशंसकों को निराश कर दिया। फ्रांस को फ्री किक मिली जिसे एंटोनी ग्रीजमैन ने लिया। ग्रीजमैन की किक को क्लीयर करने के प्रयास में क्रोएशिया के माकियो मांजुकिक आत्मघाती गोल कर बैठे। उन्होंने अपने हेडर के जरिये गेंद को बाहर भेजना चाहा, लेकिन गेंद सीधे नेट में गई और फ्रांस बिना प्रयास के 1-0 से आगे हो गई। यह विश्व कप के फाइनल में किया गया पहला आत्मघाती गोल है।

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