गुलबर्ग सोसायटी दंगा- गुजरात हाई कोर्ट ने जाकिया जाफरी की याचिका की रद्द

गुलबर्ग सोसायटी दंगा- गुजरात हाई कोर्ट ने जाकिया जाफरी की याचिका की रद्द
गुलबर्ग सोसायटी दंगा- गुजरात हाई कोर्ट ने जाकिया जाफरी की याचिका की रद्द

गुजरात में गोधरा कांड के बाद हुए दंगों को लेकर तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट बरकरार रहेगी। गुजरात हाई कोर्ट ने गुलबर्ग सोसायटी दंगों में क्लीन चिट दिये जाने पर चुनौती देने वाली जाकिया जाफरी की याचिका को रद्द कर दिया है। साथ ही हाई कोर्ट ने एसआईटी की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है।  गुजरात हाईकोर्ट ने साफ किया है कि गुजरात दंगों की दोबारा जांच नहीं होगी।

ये याचिका 2002 के दंगों में मारे गए कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी की बीवी जाकिया जाफरी ने दायर की थी। न्यायमूर्ति सोनिया गोकानी के सामने इस याचिका पर सुनवाई इस साल 3 जुलाई को पूरी कर ली गई थी। हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई है। लोअर कोर्ट ने एसआईटी की क्लोजर रिपोर्ट को मानते हुए मोदी समेत 56 आरोपियों को क्लीनचिट दे दी थी।

बता दें कि याचिका में जाकिया ने आरोप लगाया था कि इन दंगों के पीछे बड़ी आपराधिक साजिश रची गई थी। जाकिया जाफरी ने याचिका में मोदी और कुछ पुलिस अधिकारियों के साजिश में कथित रूप से शामिल होने के लिए आरोपी बनाए जाने की मांग की थी। याचिका में यह भी मांग की गई थी कि हाईकोर्ट इस मामले की नए सिरे से जांच का आदेश दे।

गौरतलब है कि 27 फरवरी 2002 में गोधरा कांड के बाद कुछ लोगों ने गुलबर्ग सोसायटी में हिंसा किया था, जिसमें कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी सहित 69 लोग मारे गए थे।

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